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क्या गदह-पचीसी एक रोग है?

Posted On: 13 Dec, 2011 Others,मेट्रो लाइफ में

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गदह पचीसी एक रोग है. हर २४- २५ साल का युवा इस रोग से ग्रसित जरूर होता है. इस रोग की पहचान शायद ही आप खुद कर पाते हैं. इसकी पहचान हमेशा आपके काका, चाचा , मामा, मामी, फूफा तरह के बड़े बुजुर्ग लोग ही कर पाते हैं. और आपको खुले-आम इस रोग से ग्रसित घोषित कर दिया जाता है.

इस रोग के लक्षण कुछ इस तरह से हैं :

  • अगर आप अपने आप को दूसरों से तेज तरार अथार्थ बाकी दुनिक्य को बेवक़ूफ़ समझते हैं.
  • आपको लगे की सबसे जयादा ज्ञानी आप ही हैं.
  • आप को लगे की अगर आप यह पद्द पे रहते थो ऐसा कर देते
  • हर बात आपको आलोचनात्मक लगे

मैं भी गदह-पचीसी से पीड़ित था या अभी भी हूँ. यह हर युवा मैं २६ तक रहता है. गदह पचीसी मैं आप तरह- तरह के काम करते हैं.उट-पटांग हरकते. शायद यह ब्लॉग लिखना भी मेरे गदह-पचीसी का ही परिणाम है. मैने तो अपना वेबसाइट भी खोल डाला था (www . elitepro .in ). तो कभी दिन रात सोसिअल नेट्वोर्किंग वेबसाइट से चिपका रहा. फ्री के मत्रिमोनिअल वेबसाइट पर प्रोफाइल बना ढेर सारी लड़कियों के प्रोफाइल भी देखे. तो कभी हिन्दुस्तान की राजनीती देख लगता की मैं नेता होता तो देश को दुरुस्त कर देता.

मेरे एक मित्र हैं. हमउम्र हैं. उनको तो लगता है की उनसे ज्यादा ज्ञानी कोई भी नहीं. हर विषय पे ज्ञान पढ़ देते हैं. FDI से लेकर Apple कंपनी के नए ब्रांड तक के विषयों पे ज्ञान रखते हैं. अच्छी बात है. लेकिन दूसरों को बेवक़ूफ़ समझते हैं. उनको लगता है की किसी को कुछ नहीं पता . वही ज्यादा जानते हैं.

हर दशक मैं युवा तरह – तरह के गदह- पचीसी के तरीके अपनाते हैं. इसलिए हर दशक के युवा वर्ग को गाली दिया जाता है. हर दशक की उवा को पथ भ्रस्त बताया जाता है. हर दशक मैं बात होती है की युवा भारतीय संस्कृति को बिगाड़ रहे हैं . भारतीय संस्कृति एक बड़ा सम्मुच्या है. हम बस उसके एक उप समुच्य की बात कर के गदह पच्चीसी से पीड़ित युवा पे आराप लगा देते हैं.
हाँ गदह- पचीसी अगर सही दिशा की हो तो आप गधे से घोड़े मैं तब्दील हो सकते हैं. हर गधा ३० के बाद घोडा हो जाता है. ५० के बाद गह्देय की जवानी का काल क्लास्सिक period हो जाता है. जब मेरे पिता युवा थे तो हेलेन एक ख़राब अवं अश्लील नृत्यांगना थीं और आज वो एक महँ अदाकारा . . कुछ न मिले थो युवा वर्ग को दोषी ठहरा दो. और युवा अपने गदह पच्चीस के कारन दोषी बन्न भी जाता है.

क्या आप कभी इस रोग या योग से ग्रषित हुए हैं? या कहा गया है की आपको गदह पच्चीसी हुआ है. क्या आपको लगता है की आप युवा हैं और भारतीय संकृति को गढ़े मे ले जा रहे हैं ? सूचित  जरूर करें.

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